RASHTRIYA GOKUL MISSION 2023 – पात्रता एवं रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, जाने कैसे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं?

RASHTRIYA GOKUL MISSION 2023: –नमस्कार दोस्तों आज के आर्टिकल की मदद से हम राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के बारे में जानकारी देने वाले हैं। वर्तमान की केंद्र सरकार देश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन कर रही है | दरअसल में सरकार इन योजनाओं को चला कर किसानों को प्रत्यक्ष रुप से लाभ पहुंचाना चाहती है | ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। तथा किसानों द्वारा की जाने वाली आत्महत्या दर को घटाई जा सके।

RASHTRIYA GOKUL MISSION 2023

 ➡ दोस्तों जैसा कि हम सभी को ज्ञात है किसान का खेती बारी के साथ-साथ उसका एक और  किसानी होती है जिसे सामान्यतः पशुपालन के नाम से जाना जाता है जो किसान भाई किसानी करते हैं वह अपने पास में अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए पशु पालन करते हैं। अब देश की मोदी सरकार किसानों को हर क्षेत्र से लाभ पहुंचा रही थी तो ऐसे में वह पशुपालन के लिए किसी भी प्रकार की योजना ना लाए ऐसा कैसे हो सकता है।

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 ➡ सरकार किसानों की आय को बढ़ाने के लिए पशुपालन से संबंधित नीतिगत फैसलों में कुछ बदलाव कर रही है इस  कदम को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना की शुरुआत की है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना की सहायता से देशभर के किसानों को पशुपालन से होने वाले दूध उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार करने के साथ ही वैज्ञानिक रूप से वृद्धि करने के विषय में प्रशिक्षण व जागरूक किया जाएगा।

RASHTRIYA GOKUL MISSION 2023

RASHTRIYA GOKUL MISSION 2023- Highlight

योजना का नाम राष्ट्रीय गोकुल मिशन
किसके द्वारा चलाई जा रही है केंद्र सरकार द्वारा
योजना का उद्देश्य से देशभर में पशुपालन को वैज्ञानिक और समग्र तरीके से जागरूक व संरक्षण प्रदान करना
लाभार्थी भारतवर्ष के पशु पालक किसान
वर्ष 2023
आवेदन का प्रकार ऑनलाइन/ ऑफलाइन
श्रेणी सरकारी योजना
योजना की आधिकारिक वेबसाइट  https://dahd.nic.in/
हेल्पलाइन नंबर 8769 36 7720 

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना 2023 क्या है?

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत सरकार किसानों द्वारा उत्पादन की जाने वाली दूध की गुणवत्ता में सुधार करना तथा  दूध के उत्पादन बढ़ाने पशुओं के रखरखाव आदि से संबंधित जानकारी तथा प्रशिक्षण किसान भाइयों को प्रदान करेगी। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देश भर में कुल 16 गोकुल ग्रामों को एकत्रित देसी वस्तु विकास केंद्र के रूप में स्थापित करने हेतु धनराशि सरकार द्वारा जारी की गई है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन दिसंबर 2014 से स्वदेशी गोजातीय नस्लों के विकास व संरक्षण के लिए लागू किया गया है।




  • दोस्तों राष्ट्रीय गोकुल मिशन(RGM) के अंतर्गत गाय/ भैंस/ बकरी/ मुर्गी/ सूअर आदि के प्रजनन धर्मों और साइलेज बनाने वाली इकाइयों को सब्सिडी देने की योजना है यह सब्सिडी भारत सरकार द्वारा दी जाएगी तथा पशुपालन अवसंरचना विकास निधि योजना के अंतर्गत लोन राशि पर 3% का ब्याज सब्वेंशन भी लिया जाएगा।राष्ट्रीय गोकुल मिशन दिसंबर 2014 से देसी गोजातीय नस्लों के विकास और संरक्षण के लिए लागू किया  गया था।राष्ट्रीय गोकुल मिशन को सफल बनाने के लिए सरकार ने 24 सौ करोड रुपए का बजट को मंजूरी दी है वर्ष 2021 से 2026 तक अंब्रेला योजना राष्ट्रीय पशुधन विकास योजना के तहत भी किसानों को लाभ पहुंचाया जाएगा
  • राष्ट्रीय गोकुल मिशन को केंद्रीय मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने 28 जुलाई 2014 को शुरू किया था इस योजना के अंतर्गत स्वदेशी गायों के संरक्षण और नस्लों के विकास को वैज्ञानिक तरीके से प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रव्यापी राष्ट्रीय गोकुल मिशन की शुरुआत की गई थी। बजट वर्ष 2019 में इस योजना के अंतर्गत 750 करोड़ों रुपए कर दिया गया था। यह मिशन राष्ट्रीय पशु प्रजनन एवं डेयरी विकास कार्यक्रम पर आधारित परियोजना है।

RASHTRIYA GOKUL MISSION 2023

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के उद्देश्य-

  • किसानों को पशुपालन के प्रति प्रशिक्षण देना तथा पशुओं के रखरखाव के बारे में उन्हें बेसिक जानकारी प्रदान करना।
  •  स्वदेशी नस्ल के उच्च अनुवांशिक गुणों से युक्त सालों का विचार प्रसार करना एवं उनके बारे में लोगों को जानकारी प्रदान करना।
  •  हरित ऊर्जा एवं प्रा पारिस्थितिक ब्रिज की तंत्र को बढ़ावा देना। गोकुल मिशन के तहत आधुनिक कृषि प्रबंधन पद्धतियों को अनुकूलित करने एवं सामान्य संसाधन प्रबंधन को प्रोत्साहित करना। 
  • योजना के अंतर्गत स्वदेशी नस्लों  के पशुओं की दूध  उत्पादकता में वृद्धि करने तथा धारणीय विधि से पशु उत्पादों से आर्थिक लाभ में वृद्धि करवाना।
  • आधुनिक उन्नत तकनीक के इस्तेमाल से गोवंश की उत्पादकता और दूध उत्पाद को लगातार बढ़ाने के लिए लोगों को  जानकारी देना।
  • योजना के अंतर्गत वैज्ञानिक और समग्र तरीके से स्वदेशी पशुओं और भैंस पालन एवं उन्हें संरक्षण प्रदान करना।
  •  गोकुल मिशन के तहत प्रजनन नेटवर्क को मजबूत करने और किसानों तक कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं को डिलीवरी के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कवरेज को अधिक से अधिक बढ़ाना।
  •  देश के भीतर दुग्ध के बढ़ती मांग को देखते हुए इस योजना को सरकार ने लांच किया है जिसके तहत दूध के उत्पादन में वृद्धि करके मांग और सप्लाई चैन के बीच बैलेंस बनाना है।

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राष्ट्रीय गोकुल मिशन से लाभ-

  • राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत  एक ही पशु हाट नामक पोर्टल बनाया गया है यह एक बे पोर्टल है यहां पर फालतू मवेशी गोजातीय पशुओं के व्यापार के बारे में जानकारी प्रदान कराया जाता है जो देश के किसी अन्य प्लेटफार्म पर उपलब्ध नहीं होता है 
  • मिशन के अंतर्गत ही नकुल प्रजनन बाजार बनाया गया है यह बाजार गुणवत्तापूर्ण गोजातीय जर्मप्लाज्म के लिए प्रजनन को और किसानों को जोड़ने वाला एक  ई-मार्केट पोर्टल है।
  • पशु संजीवनी नामक एक पशु कल्याण कार्यक्रम है जिसमें विशिष्ट पहचान और राष्ट्रीय डेटाबेस पर डाटा अपलोड करने के साथ पशु स्वास्थ्य कार्ड का प्रावधान किया गया है।
  • यह कार्यक्रम महिलाओं को भी लाभान्वित करेगा क्योंकि पशुधन खेती में शामिल 70% से अधिक कार्य महिलाएं द्वारा ही किया जाता है।
  •  इस मिशन से देश के भीतर दुग्ध उत्पादन की दर को बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी।

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राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत दिए जाने वाले अनुदान-

  •  गोकुल मिशन के अंतर्गत घटक सब्सिडी के तहत लिंग वर्गीकृत वीर्य को बढ़ावा देने के लिए लिंग वर्गीकृत वीर्य की लागत का 50% 10 भाग लेने वाले किसान को उनके खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।
  • इस स्कीम के तहत भाग लेने वाले किसानों को भारत सरकार अंश के रूप में ₹5000 प्रति आईवीएफ गर्भावस्था की घटक सब्सिडी के तहत त्वरित नस्ल सुधार कार्यक्रम के माध्यम से उपलब्ध कराएगी।
  • गोकुल मिशन के अंतर्गत उद्यमियों को परियोजना की अधिकतम दो करोड़ रुपए तक की पूंजीगत लागत पर 50% तक घटक अनुदान के तहत नस्ल बहू * फार्म की स्थापना में उपलब्ध कराई जाएगी। 

गोकुल मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा शुरुआत में 2500 करोड़ रुपए के साथ की गई थी और वर्ष 2020 तक लगभग 1842.76 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जा चुकी है। गोकुल मिशन योजना को देश के सभी राज्यों में संचालित किया जा रहा है मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार 2014 से लेकर दिसंबर 2020 तक 1842.76 करोड़ रुपए इस मिशन के तहत खर्च किए जा चुके हैं।




राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत गोकुल ग्राम बनाए जा रहे हैं-

गोकुल मिशन योजना के अंतर्गत देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में समन्वित पशु केंद्र बनाए जाएंगे और इन पशु केंद्रों को गोकुल ग्राम के नाम से जाना जाएगा। इस गोकुल गांव में लगभग 1000 से अधिक पशुओं को रखने की व्यवस्था की जाएगी तथा पशुओं के भरण पोषण से संबंधित सभी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्थान का चुनाव किया जाएगा तथा उनके खाने-पीने का प्रबंध किया जाएगा।

  • इसके साथ साथ जिस भी गोकुल ग्राम में यह सब सुविधाएं कहेंगे वहां कम से कम एक पशु चिकित्सालय एवं कृत्रिम गर्भाधान केंद्र की व्यवस्था की जाएगी गोकुल गांव में रहने वाले पशुओं से दूध की प्राप्ति होगी और इनके गोबर से ।किसी योजना के ग्रामीण स्तर पर शुरू हो जाने से बड़े पैमाने पर रोजगार  का सृजन होने की संभावना है।
  • राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत पशुपालकों को गो रत्न पुरस्कार भी दिया जाता है जबकि कामधेनु पुरस्कार गौशालाओं और सर्वोत्तम प्रतिबंधित ब्रीडर सोसाइटी को दिया जाता है इस स्कीम के अंतर्गत अभी तक 22 गोपाल रत्न और 21 कामधेनु पुरस्कार प्रदान किए जा चुके हैं। 

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना का लाभ उठाने के लिए पात्रता मापदंड-

  • गोकुल मिशन का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए
  •  आवेदन करता भारत का निवासी होना चाहिए
  • इस योजना के अंतर्गत छोटे किसान अथवा पशुपालक आवेदन कर सकते हैं
  •  जो लाभ के पद पर है अथवा सरकारी पेंशन प्राप्त कर रहा हो वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकता

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज-

  • आवेदक का निवास प्रमाण पत्र
  •  आवेदक काआयु का प्रमाण
  •  आवेदक का आधार कार्ड
  •  आवेदक काआय प्रमाण पत्र
  •  आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटो ग्राफ
  •  आवेदक का मोबाइल नंबर
  •  आवेदक का ईमेल id आदि

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया-

  • राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत आवेदन करने के लिए  आवेदन करता को सर्वप्रथम पशुपालन और डेयरी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगाRASHTRIYA GOKUL MISSION 2023
  •  अब आपको वहां से आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा
  • इसके पश्चात आपको आवेदन पत्र पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे आपका नाम मोबाइल नंबर ईमेल आईडी आदि भरना होगा
  •  अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज को अटैच करना है
  •  इसके पश्चात आपको आवेदन पत्र को पशुपालन एवं डेयरी विभाग में जमा करना होगा सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ
  •  इस प्रकार आप राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत रजिस्टर्ड हो जाएंगे।

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राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना का उद्देश्य क्या है?

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के अंतर्गत सरकार देशभर के पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुओं के रखरखाव तथा उनके संरक्षण के लिए प्रशिक्षण प्रदान करेगी जिससे किसान भाई अपने पशुओं के माध्यम से अधिक से अधिक दूध का उत्पादन कर पाएंगे जिससे उनके आय में वृद्धि होगी। इस योजना को सफल बनाने के लिए किसान भाई का जितना खर्चा आएगा उसका एक बड़ा हिस्सा सरकार द्वारा वाहन किया जाता है जिससे किसानों के ऊपर कम से कम वित्तीय भार का बोझ रहता है।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत लोगों को कैसे लाभ पहुंचाया जाएगा>

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देशभर के कुछ चुनिंदा गांव को गोकुल गांव के नाम से चिन्हित किया जाएगा इन गांव में कम से कम 1000 मवेशियों को रखा जाएगा उसके साथ सारे यहां पर उन्नत क्वालिटी का सीमन भी उपलब्ध रहेगा जिससे आवश्यकता पड़ने पर किसान भाई अपने पशुओं को उस पर्टिकुलर स्थान पर अपने मवेशी को ले जाकर गर्भाधान करा सकते हैं। मिशन के अंतर्गत ही हर एक गोकुल गांव में एक पशु चिकित्सालय का निर्माण किया जाएगा जिससे उस क्षेत्र के मवेशियों को किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो किसान उसे वहां ले जाकर उसका इलाज करा सकता है। साथ ही उस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी मजबूत की जाएगी ताकि उत्पादित दूध को समय रहते उपभोक्ता तक पहुंचाया जा सके जिससे किसानों का कम से कम नुकसान हो।

Updated: 09/01/2023 — 9:48 AM

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