The Longest Rivers in India : क्या आपको पता है भारत की दस सबसे लम्बी नदियों के बारे में ?

The Longest Rivers In India – भारत विविधिताओं से भरा देश है जहाँ अनेक परिदृश्यों के दर्शन होते हैं। यहाँ अनेक नदियाँ हैं। इन नदियों का विशाल नेटवर्क इस देश से गुजरता है। आपको बता दूँ कि इन नदियो का कृषि को बढ़ावा देने और यहां की सभ्यता संस्कृति को पोषण देने में अहम् भूमिका है।

BiharHelp App

भारत के अर्थव्यवथा के विकास में नदियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। नदी भूमि पर प्रवाहित होने वाली जलधारा होती है जिनका उद्गम स्थल किसी न किसी झील, पर्वत, झरना, हिमनद या वारिश का पानी होता है। भारत नदियों का देश है यहाँ अनेक नदियां बहती हैं। इस लेख में हम बात करेंगे भारत की दस सबसे लम्बी नदियों के बारें में। आपको बता दूँ कि यह जानकारी आपके के लिए काफी रोचक होने वाली है। तो आइये जानते हैं भारत की उन दस सबसे लम्बी नदियों के बारे में जिनके बारे में जानकर आप आश्चर्यचकित रह जायेंगे। ————-

The Longest Rivers in India

Your Trusted Source of Truth
Available As Preferred Source On

1. गंगा – भारत में बहने वाली सबसे लम्बी नदी का नाम गंगा है। इसका उद्गम स्थल गंगोत्री ग्लेशियर से हुआ है। गंगोत्री से निकलकर यह नदी पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार आदि कई राज्यों से गुजरती है और अंत में बंगाल की खाड़ी में जाकर मिल जाती है।

गंगा नदी के किनारे कई बड़े बड़े प्रसिद्ध नगर और तीर्थ स्थल बसे हुए हैं जिनमे देवप्रयाग, ऋषिकेश, हरिद्वार, इलाहाबाद, वाराणसी, पटना, कानपुर आदि हैं। गंगा भारत की सबसे ज्यादा पवित्र नदी मानी जाती है। इसे लोक देवी की तरह पूजते हैं। गंगा के किनारे कई शहरों में नियमित रूप से गंगा आरती होती है जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। आपको बता दूँ कि इस नदी की लम्बाई लगभग 2,525 किलोमीटर है।

2. गोदावरी – भारत में प्रवाहित होने वाली दूसरी सबसे लम्बी नदी का नाम गोदावरी है। इस नदी का उद्गम महाराष्ट्र राज्य के पश्चिमी घाट से हुआ है। वहाँ से निकलकर यह न केवल महाराष्ट्र बल्कि कर्णाटक और आंध्र प्रदेश तक की भूमि से गुजरते हुए बंगाल की खाड़ी में विलीन हो जाती है। इस नदी के अनेक धार्मिक महत्त्व हैं। इसे दक्षिण की गंगा के नाम से भी जाना जाता है।

नासिक जो हिन्दुओं का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है वह गोदावरी नदी के तट पर ही स्थित है जो अपने आप में अनेक धार्मिक धरोहरों को संजोए हुए हैं। इस नगर का रामायण की घटनाओं से भी सम्बन्ध है। गोदावरी नदी की लम्बाई 1465 किलोमीटर है।

3. कृष्णा – भारत की तीसरी सबसे लम्बी नदियों में कृष्णा नदी का नाम आता है। गोदावरी की तरह ही इस नदी का उद्गम स्थल भी महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट ही है। यह नदी भी महाराष्ट्र, कर्नाटक, और आंध्र प्रदेश से होते हुए बंगाल की खाड़ी में जा मिलती है। इस नदी की अनेक सहायक नदियाँ भी हैं जिनमें तुंगभद्रा, घाट प्रभा, माल प्रभा, भीमा और मूसी आदि नदियाँ हैं। इस नदी की लम्बाई 1400 किलोमीटर है।

4. यमुना – अगर भारत की चौथी सबसे लम्बी नदी का नाम लें तो वह यमुना नदी है। यह नदी उत्तराखंड में अवस्थित यमुनोत्री ग्लेशियरों से निकली है। वहां से निकलने के बाद यह पवित्र नदी यमुना, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से गुजरते हुए इलाहाबाद पहुँचती है। इलाहाबाद जिसे प्रयागराज के नाम से भी जाना जाता है, वहां यह यमुना नदी गंगा नदी में मिलती है

अर्थात वहां इसका संगम होता है। इलाहाबाद हिन्दुओं का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है जो कुम्भ के मेले के लिए प्रसिद्ध है। आपको यह बता दूँ कि यमुना नदी लगभग 1,376 किलोमीटर लम्बी है।

5. नर्मदा – नर्मदा नदी भारत की पांचवी सबसे लम्बी नदी माना जाता है जिसका उद्गम स्थल अमरकंटक पठार है। अमरकंटक मध्य प्रदेश राज्य में है। वहाँ से निकलकर नर्मदा नदी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से होकर अरब सागर में मिल जाती है। इसकी कई सहायक नदियां भी है जो तावा, बरणा, शक्कर और हिरन के नाम से जानी जाती है। नर्मदा नदी की लम्बाई 1312 किलोमीटर मानी गयी है।

6. सिंधु – भारत की सबसे लम्बी नदियों में छठी सिंधु नदी है। सिंधु नदी का उद्गम स्थल तिब्बती पठार को माना जाता है। इस पठार से निकलकर यह नदी लद्दाख, जम्मू और कश्मीर से होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश कर जाती है और फिर अरब सागर में मिलकर इसका अंत होता है। सिंधु नदी की लम्बाई लगभग 3,180 किलोमीटर है।

7. ब्रह्मपुत्र – ब्रह्मपुत्र भारत की सबसे लम्बी नदियों में सातवाँ स्थान रखती है। इस नदी का उद्गम हिमालय के माउन्ट कैलाश के निकट केमायुंगडुंग ग्लेशियर को माना गया है. इस ग्लेशियर से निकलकर यह नदी अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है। वहां के लोग इसे सियांग नदी के नाम से पुकारते हैं। ब्रह्मपुत्र नदी असम और बंगाल से होकर गुजरती है। ख़ास बात यह है कि यही नदी गंगा और मेघना नदियों से मिलकर सुंदरबन डेल्टा का निर्माण करती है जो दुनिया का सबसे बड़ा डेल्टा माना जाता है। भारत में ब्रह्मपुत्र नदी का हिस्सा लगभग 918 किलोमीटर लम्बा है।

8. महानदी – महानदी भारत की लम्बी नदियों में आठवाँ स्थान रखती है। इस नदी का उद्गम स्थल छत्तीसगढ़ राज्य में रायपुर जिले में है। वहाँ से निकलकर यह नदी छत्तीसगढ़, और ओडिशा से होते हुए पूर्वी दिशा में बंगाल के खाड़ी में जाकर मिलती है। महानदी के सहायक नदियों के नाम क्रमशः सियोनाथ, जोंक, हसदेव, ओंग, और तेल नामक नदियाँ हैं। महानदी की लम्बाई 858 किलोमीटर है।

9.  कावेरी – कावेरी नदी को भारत की नौवीं सबसे लम्बी नदी माना जाता है. यह नदी कर्णाटक राज्य में स्थित पश्चिमी घाट के ब्रह्मगिरि नामक पर्वत से निकली है। यह कर्नाटक और तमिलनाडु से होते हुए बंगाल की खाड़ी में विलीन हो जाती है। इसकी सहायक नदियां क्रमशः हेमावती, कबिनी, अर्कावती, शिम्शा और अमरावती आदि नदियां हैं। आपको बता दूँ कि कावेरी नदी प्रायः 800 किलोमीटर लम्बी है।

10. ताप्ती नदी –  ताप्ती नदी ,भारत की दसवीं सबसे लम्बी नदी मानी जाती है। ताप्ती नदी जिसे तापी के नाम से भी जाना जाता है उसका उद्गम स्थल मध्य प्रदेश के सतपुड़ा श्रृंखला से उत्पन्न होकर महाराष्ट्र और गुजरात से होते हुए खम्भात की खाड़ी जो अरब सागर के भीतर है , में ख़ाली होती है. ताप्ती नदी की लम्बाई प्रायः 724 किलोमीटर है। यह नदी पूर्व से पशिचम की और बहती है इस नदी के किनारे बरहापुर और सूरत जैसे प्रसिद्ध औद्योगिक नगर बसे है ।

इस लेख में हमने आपको भारत के दस सबसे प्रसिद्ध और सबसे लम्बी नदियों के बारे में जानकारी दी, आशा है यह जानकारी आपको अच्छी लगी होगी।

क्विक लिंक्स

Join Our Telegram Group Website
BiharHelp App

आपके उज्जवल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण जानकारी यहाँ उपलब्ध है - सरकारी नौकरियाँ, परीक्षा परिणाम, प्रवेश पत्र और शैक्षिक अवसर। नवीनतम अपडेट और आवश्यक सूचनाओं के लिए BiharHelp ऐप डाउनलोड करें - आपकी सफलता का साथी।

⬇️ Download Bihar Help Mobile App📱
Jobs & शिक्षा से जुड़ी सभी जानकारी ! (यहाँ Click करें 👆)

The Author

Ajit Kumar

अजीत कुमार
Digital Creator | Blogger | YouTuber
Founder & CEO: BiharHelp.in

मैं बिहार का रहने वाला एक डिजिटल क्रिएटर, ब्लॉगर और यूट्यूबर हूँ। मैंने BiharHelp.in की स्थापना की, ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं, शिक्षा, नौकरियों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर सटीक और उपयोगी जानकारी मिल सके। मेरा लक्ष्य हर व्यक्ति तक डिजिटल संसाधनों की पहुँच बनाना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और आगे बढ़ सकें।

मुझे खुशी है कि मैं अपने काम के जरिए बिहार और देश के विकास में योगदान दे पा रहा हूँ।

धन्यवाद! 🙏

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *