Viklang Certificate Online Apply 2026: भारत सरकार एवं राज्य सरकारें दिव्यांगजन (Persons with Disabilities) के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए समय-समय पर कई महत्वपूर्ण योजनाएँ, छात्रवृत्तियाँ, पेंशन, रोजगार एवं आरक्षण से जुड़ी सुविधाएँ प्रदान करती हैं। लेकिन इन सभी सरकारी लाभों का फायदा केवल उन्हीं दिव्यांगजनों को मिल पाता है, जिनके पास विकलांग प्रमाण पत्र (Disability Certificate) या यूडीआईडी कार्ड (UDID Card) उपलब्ध होता है।
जाने इस पोस्ट में क्या क्या है
अगर आपके परिवार में कोई भी सदस्य दिव्यांग है और अभी तक उसका विकलांग प्रमाण पत्र नहीं बना है, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इसकी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और आसान बना दिया है, जिससे आप घर बैठे Viklang Certificate के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इस लेख में हम आपको विकलांग प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ विस्तार से बताएँगे, जैसे – आवेदन की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़, पात्रता शर्तें, UDID कार्ड के लाभ और आवेदन की स्थिति (Application Status) ऑनलाइन कैसे चेक करें। यह जानकारी आपको आसानी से प्रमाण पत्र बनवाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करेगी।
Viklang Certificate Online Apply 2026: Overview
| Type of Certificate | Disability Certificate / UDID Card |
| Issued By | Department of Empowerment of Persons with Disabilities (DEPwD), Govt. of India |
| Governing Law | RPWD Act, 2016 |
| Minimum Disability Required | 40% or more |
| Application Mode | Online (UDID Portal) & Offline |
| Application Fees | Free (No Charges) |
| Issuing Authority | Government Hospital / Medical Board |
| Validity | Permanent / Temporary |
| Official Website | www.swavlambancard.gov.in |
Disability Certificate: विकलांग प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, दस्तावेज़, लाभ और स्टेटस चेक
हम इस लेख में भारत के सभी दिव्यांग नागरिकों और युवाओं का हार्दिक स्वागत करते हैं। समाज में दिव्यांगजन को कई प्रकार की शारीरिक, मानसिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएँ, छात्रवृत्तियाँ, पेंशन, आरक्षण और अन्य सुविधाएँ उनके जीवन को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लेकिन इन सभी सरकारी लाभों का फायदा उठाने के लिए सबसे पहला और आवश्यक दस्तावेज़ विकलांग प्रमाण पत्र (Disability Certificate) होता है।
यदि आपके या आपके परिवार के किसी सदस्य के पास अभी तक विकलांग प्रमाण पत्र नहीं है, तो अब घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने इस प्रमाण पत्र को बनवाने की प्रक्रिया को काफी सरल कर दिया है, जिससे आप इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आसानी से बनवा सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से आप घर बैठे ही आवेदन कर सकते हैं, जबकि ऑफलाइन प्रक्रिया में नजदीकी सरकारी अस्पताल या संबंधित कार्यालय में जाकर आवेदन किया जा सकता है।
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इस लेख में हम आपको विस्तार से बताएँगे कि Viklang Certificate Kaise Banaye, इसके लिए पात्रता क्या है, कौन-कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं, ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया क्या है, साथ ही आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें। यदि आप सभी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेना चाहते हैं, तो इस लेख को ध्यानपूर्वक अंत तक अवश्य पढ़ें।
विकलांग प्रमाण पत्र क्या होता है?
विकलांग प्रमाण पत्र (Disability Certificate) एक आधिकारिक सरकारी दस्तावेज़ होता है, जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक या संवेदी विकलांगता को कानूनी रूप से प्रमाणित किया जाता है। यह प्रमाण पत्र केवल सरकारी अस्पताल में गठित मेडिकल बोर्ड / चिकित्सीय समिति द्वारा आवश्यक जांच के बाद जारी किया जाता है।
इस प्रमाण पत्र में व्यक्ति की विकलांगता का प्रकार, उसकी गंभीरता (प्रतिशत में) और यह जानकारी दर्ज होती है कि विकलांगता स्थायी (Permanent) है या अस्थायी (Temporary)। वर्तमान में RPWD Act 2016 के अंतर्गत 21 प्रकार की विकलांगताओं को मान्यता दी गई है।
सरकारी योजनाओं, पेंशन, छात्रवृत्ति, शिक्षा और नौकरी में आरक्षण, यात्रा में छूट तथा अन्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए सामान्यतः 40% या उससे अधिक विकलांगता होना आवश्यक होता है।
संक्षेप में बोले तो विकलांग प्रमाण पत्र दिव्यांगजन की पहचान का कानूनी प्रमाण है, जो उन्हें सरकारी अधिकार, सुविधाएँ और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस प्रमाण पत्र में निम्न जानकारियाँ दर्ज होती हैं:
- विकलांगता का प्रकार
- विकलांगता का प्रतिशत
- विकलांगता स्थायी (Permanent) है या अस्थायी (Temporary)
- प्रमाण पत्र की वैधता
RPWD Act 2016 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त विकलांगताएँ
Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 (RPWD Act 2016) के अंतर्गत भारत सरकार ने कुल 21 प्रकार की विकलांगताओं को आधिकारिक मान्यता दी है। इन विकलांगताओं के आधार पर ही दिव्यांगजनों को विकलांग प्रमाण पत्र, UDID कार्ड तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है।
नीचे RPWD Act 2016 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त सभी विकलांगताओं की सूची दी गई है:
- Blindness (पूर्ण दृष्टिहीनता)
- Low Vision (कम दृष्टि)
- Leprosy Cured Persons (कुष्ठ रोग से ठीक हुए व्यक्ति)
- Hearing Impairment (Deaf and Hard of Hearing)
- Locomotor Disability (चलने-फिरने में असमर्थता)
- Dwarfism (बौनापन)
- Intellectual Disability (बौद्धिक अक्षमता)
- Mental Illness (मानसिक रोग)
- Autism Spectrum Disorder (ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर)
- Cerebral Palsy (सेरेब्रल पाल्सी)
- Muscular Dystrophy (मांसपेशियों की कमजोरी से जुड़ा रोग)
- Chronic Neurological Conditions (दीर्घकालिक तंत्रिका संबंधी रोग)
- Specific Learning Disabilities (विशिष्ट अधिगम अक्षमता)
- Multiple Sclerosis (मल्टीपल स्क्लेरोसिस)
- Speech and Language Disability (वाक् एवं भाषा विकलांगता)
- Thalassemia (थैलेसीमिया)
- Hemophilia (हीमोफीलिया)
- Sickle Cell Disease (सिकल सेल रोग)
- Multiple Disabilities including Deaf-Blindness (एक से अधिक विकलांगताएँ)
- Acid Attack Victims (एसिड अटैक पीड़ित)
- Parkinson’s Disease (पार्किंसन रोग)
इन सभी विकलांगताओं के अंतर्गत यदि किसी व्यक्ति की विकलांगता 40% या उससे अधिक प्रमाणित होती है, तो वह विकलांग प्रमाण पत्र / UDID कार्ड प्राप्त करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का पात्र होता है।
Disability Certificate की मुख्य विशेषताएँ
Disability Certificate दिव्यांगजनों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज़ है, जिसके माध्यम से उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलता है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- यह एक आधिकारिक सरकारी दस्तावेज़ होता है, जिसे केवल मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किया जाता है।
- यह प्रमाण पत्र RPWD Act, 2016 के अंतर्गत मान्य होता है।
- इसमें दिव्यांगजन की विकलांगता का प्रकार स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाता है।
- विकलांगता की गंभीरता प्रतिशत (%) में दर्शाई जाती है।
- सामान्यतः 40% या उससे अधिक विकलांगता होने पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है।
- प्रमाण पत्र में यह उल्लेख होता है कि विकलांगता स्थायी (Permanent) है या अस्थायी (Temporary)।
- अस्थायी विकलांगता के मामले में प्रमाण पत्र की सीमित वैधता होती है, जबकि स्थायी विकलांगता में यह आजीवन मान्य रहता है।
- यह Disability Certificate पूरे भारत में मान्य होता है।
- इसके आधार पर UDID कार्ड जारी किया जाता है, जो एक यूनिक डिजिटल पहचान है।
- सरकारी योजनाएँ, पेंशन, छात्रवृत्ति, शिक्षा एवं नौकरी में आरक्षण, यात्रा में छूट आदि का लाभ लेने के लिए यह प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
इस प्रकार विकलांग प्रमाण पत्र दिव्यांगजनों की पहचान, अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।
Benefits of Disability Certificate
Disability Certificate दिव्यांगजनों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ
- छात्रवृत्ति योजनाएँ (स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षा के लिए)
- सरकारी नौकरियों में आरक्षण
- शिक्षा संस्थानों में आरक्षण
- रेलवे, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन में किराया छूट
- आयकर (Income Tax) में छूट
- सहायक उपकरणों (व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग आदि) पर सब्सिडी
- स्वरोजगार के लिए आसान ऋण सुविधा
- टोल टैक्स में छूट (राज्य नियमों के अनुसार)
- बेरोजगारी भत्ता (कुछ राज्यों में शिक्षित दिव्यांगों के लिए)
- UDID कार्ड के माध्यम से देशभर में एक समान पहचान
- सामाजिक सुरक्षा और सरकारी सहायता तक आसान और पारदर्शी पहुँच
इस तरह विकलांग प्रमाण पत्र दिव्यांगजनों को न केवल आर्थिक और शैक्षणिक सहायता प्रदान करता है, बल्कि उन्हें समाज में समान अधिकार और सम्मान के साथ जीवन जीने में भी सहायता करता है।
UDID Card क्या है?
UDID Card (Unique Disability ID Card) भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (Department of Empowerment of Persons with Disabilities – DEPwD) द्वारा जारी किया गया एक महत्वपूर्ण पहचान पत्र है। यह कार्ड देशभर के दिव्यांगजनों को एक यूनिक और डिजिटल पहचान संख्या प्रदान करता है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
UDID कार्ड के माध्यम से दिव्यांगजन की सभी आवश्यक जानकारियाँ जैसे – विकलांगता का प्रकार, विकलांगता प्रतिशत और प्रमाण पत्र की स्थिति एक केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली में सुरक्षित रहती हैं। यह कार्ड पूरे भारत में मान्य होता है और अलग-अलग राज्यों में अलग प्रमाण पत्र बनवाने की आवश्यकता को समाप्त करता है।
UDID Card के मुख्य उद्देश्य
- पूरे देश में दिव्यांगजनों के लिए एक समान पहचान उपलब्ध कराना
- सभी सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही कार्ड से दिलाना
- दिव्यांगजनों के डेटा का डिजिटलीकरण और केंद्रीकरण
- फर्जीवाड़े और डुप्लीकेशन को रोकना
- ऑनलाइन आवेदन, नवीनीकरण और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा देना
संक्षेप में UDID कार्ड दिव्यांगजनों के लिए एक ऐसा यूनिक और भरोसेमंद दस्तावेज़ है, जो उन्हें सरकारी सुविधाओं तक आसान, पारदर्शी और सुरक्षित पहुँच प्रदान करता है।
Eligibility for Viklang Certificate / UDID Card
विकलांग प्रमाण पत्र (Viklang Certificate) या UDID Card प्राप्त करने के लिए भारत सरकार द्वारा कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। केवल वही व्यक्ति आवेदन कर सकता है, जो निम्नलिखित शर्तों को पूरा करता हो:
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक को RPWD Act, 2016 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त किसी एक या अधिक विकलांगताओं से ग्रसित होना चाहिए।
- विकलांगता का प्रमाणित प्रतिशत सामान्यतः 40% या उससे अधिक होना आवश्यक है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
- आवेदक की विकलांगता का चिकित्सीय परीक्षण सरकारी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड द्वारा किया जाना अनिवार्य है।
- स्थायी या अस्थायी दोनों प्रकार की विकलांगता वाले व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं।
- नाबालिग (Minor) दिव्यांग बच्चों के लिए आवेदन अभिभावक या माता-पिता द्वारा किया जा सकता है।
इन सभी पात्रता शर्तों को पूरा करने पर ही आवेदक को विकलांग प्रमाण पत्र / UDID कार्ड जारी किया जाता है, जिसके आधार पर वह विभिन्न सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों, पेंशन और अन्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकता है।
Documents Required for Disability Certificate Apply
Disability Certificate या UDID Card के लिए आवेदन करते समय आवेदक को कुछ आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होते हैं। ये दस्तावेज़ आवेदक की पहचान, पते और विकलांगता की पुष्टि के लिए जरूरी होते हैं। आवेदन से पहले निम्न दस्तावेज़ तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- हस्ताक्षर (Signature)
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
- पुराना विकलांग प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो)
- नाबालिग आवेदक के लिए अभिभावक का पहचान पत्र
ऑनलाइन आवेदन के समय इन सभी दस्तावेज़ों को स्कैन करके अपलोड करना होता है, जबकि ऑफलाइन आवेदन में इनकी फोटोकॉपी संबंधित कार्यालय में जमा करनी होती है। सभी दस्तावेज़ सही और स्पष्ट होने चाहिए, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या न आए।
How To Apply Online for Disability Certificate 2026?
यदि आप घर बैठे Viklang Certificate / UDID Card के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो भारत सरकार ने इसकी प्रक्रिया को बेहद सरल और ऑनलाइन बना दिया है। नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यानपूर्वक फॉलो करके आप आसानी से Disability Certificate Online Apply कर सकते हैं।
- Disability Certificate Online Apply करने के लिए सबसे पहले UDID की आधिकारिक वेबसाइट www.swavlambancard.gov.in पर जाएँ।

- ऑफिसियल वेबसाइट के होम पेज पर आपको “Apply for Disability Certificate/ UDID Card” का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
- क्लिक करने के बाद आपके सामने Registration / Application Form खुलेगा।

- अब आप इस फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी जैसे – नाम, जन्मतिथि, पता, विकलांगता का प्रकार, संपर्क विवरण आदि को ध्यानपूर्वक और सही-सही भरें।
- इसके बाद आवेदन फॉर्म में मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज़ जैसे – आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर, निवास प्रमाण पत्र आदि को स्कैन करके अपलोड करें।
- सभी जानकारी और दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद Final Submit बटन पर क्लिक करें।
- आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद आपको एक Application Number / Enrollment Number प्राप्त होगा।
- अब आप इसे प्रिंट करके या नोट करके सुरक्षित रख लें, क्योंकि इसी नंबर से आगे Application Status Check किया जाएगा।
- आवेदन स्वीकार होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर आपको जिला अस्पताल / मेडिकल बोर्ड के समक्ष चिकित्सीय जांच के लिए बुलाया जा सकता है।
- मेडिकल जांच पूरी होने के बाद आपका विकलांग प्रमाण पत्र / UDID Card जारी कर दिया जाएगा।
इस प्रकार आप आसान स्टेप्स को फॉलो करके आसानी से Disability Certificate के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और सरकारी योजनाओं व सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
How to Check Disability Certificate Application Status 2026?
यदि आपने UDID Card के लिए आवेदन किया है और अब अपने आवेदन की स्थिति जानना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया बेहद आसान है। आप घर बैठे ही ऑनलाइन अपने Disability Certificate Application Status Check कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यानपूर्वक फॉलो करें:
- UDID Card Application Status Check करने के लिए सबसे पहले UDID की आधिकारिक वेबसाइट www.swavlambancard.gov.in पर जाएँ।

- ऑफिसियल वेबसाइट के होम पेज पर दिए गये “Track Your Application Status” लिंक पर क्लिक करें।
- क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जहाँ आपको अपनी आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी।

- यहाँ आप Enrollment Number/ UDID Number/ Request Number/ Aadhaar Number/ Mobile Number जैसे विकल्पों में से किसी एक की मदद से स्टेटस चेक कर सकते हैं।
- मांगी गई सभी जानकारी भरने के बाद “Submit” बटन पर क्लिक करें।
- अब आपकी स्क्रीन पर आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति (Application Status) दिखाई दे जाएगी।
इस प्रकार आप बहुत ही आसानी से Disability Certificate Application Status 2026 को ऑनलाइन चेक कर सकते हैं और अपने आवेदन से जुड़ी नवीनतम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Offline Application Process for Viklang Certificate
यदि किसी कारणवश आप ऑनलाइन माध्यम से आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, तो Viklang Certificate के लिए ऑफलाइन आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यानपूर्वक फॉलो करें:
- सबसे पहले अपने नजदीकी सिविल सर्जन कार्यालय, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या पंचायत/सुविधा केंद्र पर जाएँ।
- वहाँ से विकलांग प्रमाण पत्र का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- अब आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारी जैसे – व्यक्तिगत विवरण, पता, विकलांगता का प्रकार आदि को सही-सही भरें।
- इसके साथ सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की फोटोकॉपी संलग्न करें और फॉर्म संबंधित कार्यालय में जमा कर दें।
- आवेदन जमा होने के बाद आपको मेडिकल बोर्ड के समक्ष चिकित्सीय परीक्षण के लिए बुलाया जाएगा।
- मेडिकल जांच पूरी होने और विकलांगता प्रमाणित होने के बाद आपका विकलांग प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
इस प्रकार जो आवेदक ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं, वे ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से भी आसानी से Viklang Certificate बनवा सकते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
निष्कर्ष
आज के इस इस लेख में हम आप लोगों को Viklang Certificate Online Apply 2026 से संबधित हर एक जानकारी को पूरे विस्तार में और सही सही जानकारी के साथ में साझा किए है। यह सर्टिफिकेट दिव्यांगजनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और आवश्यक दस्तावेज है। विकलांग प्रमाण पत्र के बिना केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं, छात्रवृत्तियों, पेंशन, शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त करना संभव नहीं होता। सरकार ने अब इस पूरी प्रक्रिया को UDID पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन कर दिया है, जिससे दिव्यांगजन घर बैठे ही आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
यदि आपके परिवार में कोई भी सदस्य दिव्यांग है और अभी तक उसका विकलांग प्रमाण पत्र या UDID कार्ड नहीं बना है, तो बिना देरी किए आज ही Viklang Certificate के लिए आवेदन करें और सभी सरकारी लाभों का फायदा उठाएँ।
अगर आपको यह लेख उपयोगी लगा हो, तो इसे अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और जरूरतमंद लोगों के साथ अवश्य साझा करें, ताकि वे भी इस जानकारी का लाभ लेकर अपना विकलांग प्रमाण पत्र बनवा सकें। इस लेख से संबंधित कोई भी प्रश्न या सुझाव हो, तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में बेझिझक पूछ सकते हैं।
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FAQs’ – Viklang Certificate 2026
Viklang Certificate क्या होता है और यह क्यों जरूरी है?
Viklang Certificate एक आधिकारिक सरकारी दस्तावेज़ है, जो किसी व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक या संवेदी विकलांगता को कानूनी रूप से प्रमाणित करता है। यह प्रमाण पत्र सरकारी योजनाओं, पेंशन, छात्रवृत्ति, शिक्षा और नौकरी में आरक्षण जैसी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए अनिवार्य होता है। इसके बिना दिव्यांगजन को सरकारी लाभ नहीं मिल पाता।
Viklang Certificate Online Apply 2026 किस पोर्टल से किया जाता है?
विकलांग प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन भारत सरकार के आधिकारिक UDID पोर्टल www.swavlambancard.gov.in के माध्यम से किया जाता है। यही पोर्टल पूरे देश के लिए मान्य है और इसी से Disability Certificate एवं UDID Card जारी किया जाता है।
UDID Card क्या है और इसका Viklang Certificate से क्या संबंध है?
UDID Card यानी Unique Disability ID Card एक यूनिक डिजिटल पहचान पत्र है, जो Viklang Certificate के आधार पर जारी किया जाता है। इसमें दिव्यांगजन की सभी जानकारियाँ केंद्रीकृत रूप से सुरक्षित रहती हैं और पूरे भारत में एक ही कार्ड से पहचान व योजनाओं का लाभ मिलता है।
विकलांग प्रमाण पत्र के लिए न्यूनतम कितनी विकलांगता होनी चाहिए?
सरकारी योजनाओं और UDID Card के लिए सामान्यतः 40% या उससे अधिक विकलांगता होना आवश्यक है। यह प्रतिशत सरकारी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच के बाद प्रमाणित किया जाता है।
Disability Certificate किन कानूनों के अंतर्गत जारी किया जाता है?
विकलांग प्रमाण पत्र Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 (RPWD Act 2016) के अंतर्गत जारी किया जाता है। इसी कानून में 21 प्रकार की विकलांगताओं को मान्यता दी गई है।
Viklang Certificate Online Apply 2026 की फीस कितनी है?
Viklang Certificate और UDID Card के लिए आवेदन पूरी तरह निःशुल्क (Free) है। इसके लिए सरकार किसी भी प्रकार का आवेदन शुल्क नहीं लेती है।
Viklang Certificate Online Apply करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ लगते हैं?
आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और यदि पहले से कोई प्रमाण पत्र है तो उसकी कॉपी आवश्यक होती है। नाबालिग के लिए अभिभावक का पहचान पत्र भी जरूरी होता है।
क्या Viklang Certificate पूरे भारत में मान्य होता है?
हाँ, Viklang Certificate और UDID Card पूरे भारत में मान्य होते हैं। इससे किसी भी राज्य में सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लिया जा सकता है।
Disability Certificate स्थायी और अस्थायी कब होता है?
यदि विकलांगता आजीवन रहने वाली है तो प्रमाण पत्र Permanent जारी किया जाता है। यदि विकलांगता अस्थायी है, तो प्रमाण पत्र Temporary होता है और उसकी वैधता सीमित अवधि तक रहती है।
Viklang Certificate बनने में कितना समय लगता है?
ऑनलाइन आवेदन के बाद दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल बोर्ड की जांच के अनुसार सामान्यतः कुछ सप्ताह में Viklang Certificate जारी कर दिया जाता है। समय राज्य और अस्पताल के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है।
मेडिकल बोर्ड की जांच क्यों जरूरी होती है?
मेडिकल बोर्ड की जांच इसलिए जरूरी होती है ताकि विकलांगता का प्रकार और प्रतिशत सही तरीके से प्रमाणित किया जा सके। बिना मेडिकल बोर्ड जांच के विकलांग प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता।
Viklang Certificate Application Status कैसे चेक करें?
आवेदन की स्थिति UDID पोर्टल पर “Track Your Application Status” विकल्प से चेक की जा सकती है। इसके लिए Enrollment Number, Aadhaar Number या Mobile Number का उपयोग किया जा सकता है।
क्या ऑफलाइन तरीके से भी Viklang Certificate बनवाया जा सकता है?
हाँ, जो लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे नजदीकी जिला अस्पताल, सिविल सर्जन कार्यालय या CHC में जाकर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
Viklang Certificate के क्या-क्या लाभ होते हैं?
इस प्रमाण पत्र से दिव्यांग पेंशन, छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरी व शिक्षा में आरक्षण, यात्रा में छूट, आयकर छूट, सहायक उपकरणों पर सब्सिडी और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलते हैं।
क्या नाबालिग बच्चों के लिए भी विकलांग प्रमाण पत्र बन सकता है?
हाँ, नाबालिग दिव्यांग बच्चों के लिए उनके माता-पिता या अभिभावक द्वारा Viklang Certificate के लिए आवेदन किया जा सकता है।
क्या Viklang Certificate का नवीनीकरण (Renewal) होता है?
केवल अस्थायी विकलांगता वाले प्रमाण पत्र का नवीनीकरण होता है। स्थायी विकलांगता वाले प्रमाण पत्र को नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं होती।
क्या एक से अधिक विकलांगता होने पर भी प्रमाण पत्र बनता है?
हाँ, यदि किसी व्यक्ति को एक से अधिक विकलांगताएँ हैं तो उसे Multiple Disability श्रेणी में प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
Disability Certificate Download कैसे करें?
प्रमाण पत्र जारी होने के बाद UDID पोर्टल पर लॉगिन करके ऑनलाइन Viklang Certificate डाउनलोड किया जा सकता है।
Viklang Certificate और UDID Card में क्या अंतर है?
Viklang Certificate विकलांगता का प्रमाण है, जबकि UDID Card उसी प्रमाण पत्र के आधार पर जारी किया गया एक यूनिक डिजिटल पहचान पत्र है।
Viklang Certificate Online Apply क्यों जरूरी है?
Viklang Certificate Online Apply 2026 इसलिए जरूरी है क्योंकि इसके बिना दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं, पेंशन, छात्रवृत्ति, आरक्षण और अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं ले सकते। यह दस्तावेज़ दिव्यांगजनों के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
आपके उज्जवल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण जानकारी यहाँ उपलब्ध है - सरकारी नौकरियाँ, परीक्षा परिणाम, प्रवेश पत्र और शैक्षिक अवसर। नवीनतम अपडेट और आवश्यक सूचनाओं के लिए BiharHelp ऐप डाउनलोड करें - आपकी सफलता का साथी।
